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Saturday, June 13, 2026

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उत्तर प्रदेश में होगा फार्मा कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन, राज्य को भारत के अग्रणी फार्मा हब के रूप में स्थापित करने की पहल

  • 3 फरवरी को फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में उत्तर प्रदेश में फार्मा निवेश के अवसरों का प्रदर्शन होगा
  • फार्मा कॉन्क्लेव 2026: उत्तर प्रदेश ने अपने विकास के सफर का हिस्सा बनने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आमंत्रित किया
  • नीति से उत्पादन तक: लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आयोजित कॉन्क्लेव फार्मा और मेडिकल डिवाईसेज़ की क्षमता को उजागर करेगी

लखनऊ । उत्तर प्रदेश फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफ.एस.डी.ए) और इन्वेस्ट यूपी 3 फरवरी, 2026 को लखनऊ के होटल ताज महल में ‘फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसर’ का आयोजन कर रहे हैं। इस कॉन्क्लेव का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को फार्मास्युटिल और मेडिकल डिवाईस के निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र के लिए मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, विस्तृत उपभोक्ता बाजार और आशावादी एवं निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियाँ पेश कर रहा है।
इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्य नाथ करेंगे। वो राज्य में एक पारदर्शी, सुरक्षित और निवेशकों के अनुकूल शासन व्यवस्था के बारे में बताएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री, जगत प्रकाश नड्डा; उप मुख्य मंत्री, ब्रजेश पाठक और अन्य मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े आठ सालों में हैल्थकेयर और फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में भारी परिवर्तन हुआ है। हम भारत के सबसे बड़े हैल्थकेयर कंज़्यूमर मार्केट के रूप में स्वदेशी निर्माण को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसके लिए हम यमुना क्षेत्र में मेडिकल डिवाईस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क जैसी विश्वस्तरीय पहल कर रहे हैं। हमारे ये प्रयास हमारे इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि हमें ‘मेक इन इंडिया’ को ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ तक ले जाना है, ताकि लाखों लोगों को किफायती, आसान और बेहतर हैल्थकेयर उपलब्ध हो सके।’’
फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में हिस्सा लेने वाले मुख्य फार्मास्युटिकल कंपनियों के सीनियर लीडर्स में सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप संघवी; ज़ाइडस फार्मा के चेयरमैन पंकज आर. पटेल; मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा; डॉ. रेड्डीज़ के चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी; और टॉरेंट के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता शामिल हैं। ये औद्योगिक लीडर उत्तर प्रदेश में इस सेक्टर के विकास और निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे।
इस कॉन्क्लेव में देश के सबसे बड़े फार्मास्युटिकल एसोसिएशन, इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA) की साझेदारी होगी। इसमें हिस्सा ले रही अन्य मुख्य औद्योगिक संस्थाओं में इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IDMA), बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BDMAI), ऑर्गनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ इंडिया (OPPI), और फेडरेशन ऑफ फार्मा एंटरप्रेन्योर्स (FOPE) शामिल हैं, जिससे उत्तर प्रदेश को फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस में निवेश के मुख्य स्थान के रूप में स्थापित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।
उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने के माननीय मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ के लक्ष्य के अनुरूप इस कॉन्क्लेव में फार्मास्युटिकल सेक्टर के मुख्य हितधारकों के साथ मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, इनोवेशन एवं संबंधित सेगमेंट्स के मुख्य घरेलू और ग्लोबल निवेशक भी हिस्सा लेंगे।
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े फार्मास्युटिकल बाजारों में से एक है। यह अब निवेशकों के अनुकूल नीतियों के साथ प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनने की राह पर बढ़ रहा है। यूपी फार्मास्युटिकल एंड मेडिकल डिवाईस इंडस्ट्री पॉलिसी 2023 के अनुसार निवेशकों को 15 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट और बिजली शुल्क पर पूरी छूट जैसे प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही, यूपी एफडीआई/एफसीआई और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023, यूपी इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी, 2022 तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी, 2024 जैसी अनुकूल नीतियाँ मल्टीनेशनल एवं घरेलू कंपनियों को बिज़नेस का एक अनूकूल वातावरण प्रदान कर रही हैं।
इस कॉन्क्लेव में मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा, जिनमें ललितपुर का आगामी बल्क ड्रग पार्क और ग्रेटर नोएडा का मेडिकल डिवाईस पार्क शामिल है। ये दोनों ही प्रोजेक्ट बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में शिक्षा और शोध का एक मजबूत परिवेश है। यहाँ पर 82 मेडिकल कॉलेज, 450 से अधिक फार्मास्युटिकल कॉलेज और कई अग्रणी संस्थान हैं, जिनमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, राय बरेली; किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेज़, आईआईटी कानपुर तथा आईआईटी बीएचयू शामिल हैं, जो उद्योग के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता निरंतर बनाए रखेंगे।
राज्य में ईज़ ऑफ डूईंग बिज़नेसय पर जोर देते हुए भारत के सबसे बड़े सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम्स में से एक, निवेश मित्रा द्वारा प्रोजेक्ट्स को आवेदन से लेकर कमीशनिंग तक मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा समय पर अनुमोदन और रैगुलेटरी सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इस राज्य में रेडी-टू-मूव औद्योगिक जमीन की उपलब्धता भी बहुत ज्यादा है, ताकि प्रोजेक्ट तत्काल शुरू किए जा सकें। यहाँ पर 25 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और लगभग 56 प्रतिशत आबादी व्यस्क है। इसलिए उत्तर प्रदेश आबादी और बाजार के लिहाज से काफी बढ़त प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश में 13 एक्सप्रेस वे और 21 एयरपोर्ट का विशाल नेटवर्क है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। आगामी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू और ग्लोबल बाजारों की आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। इसलिए इस कॉन्क्लेव में हजारों करोड़ के एम.ओ.यू पर दस्तखत होने की उम्मीद है, जिससे उत्तर प्रदेश में निवेश में तेजी आएगी, रोजगार का निर्माण होगा और भारत में फार्मास्युटिकल निर्माण के क्षेत्र में मजबूती आएगी।

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