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Saturday, June 6, 2026

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खनन माफियाओं पर चलाया कानून का सख्त हंटर

  • कम्पांउडिंग/पेनल्टी के खेल से बाज आएं अधिकारीः डीएम
    अवैध खनन, भण्डारण एवं  निर्धारित क्षमता से अधिक खनन एवं
  • परिवहन पर सीधा दर्ज हो बीएनएस में मुकदमा एवं वाहन जब्त
  • चंद एक प्रभावी प्रवर्तन से ही करना है अवैध होसलों को पस्त
  • राजस्व विभाग, व्यापार कर, जी०एस०टी०, वन, सिंचाई, खनन व अन्य
  • समस्त सम्बन्धित विभागो की बहुत बारीकी से की जिम्मेदारी तय
  • अवैध खनन पर डीएम का आन द स्पॉट सख्त कार्यवाही के आदेश, माफियाओं के साथ संलिप्ता पर नपेंगे जिम्मेदार

    देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल ने जनपद में अवैध खनन/चुगान, अवैध भण्डारण एवं अवैध परिवहन के विरूद्ध व्यापक कार्यवाही हेतु सख्त आदेश करते हुए राजस्व विभाग, व्यापार कर, जी०एस०टी० व अन्य समस्त सम्बन्धित विभागो को आदेशित किया है कि संयुक्त रूप से अवैध खनन/चुगान, अवैध भण्डारण एवं अवैध परिवहन के विरूद्ध व्यापक जनहित, राजकीय हित, लोक शान्ति व कानून व्यवस्था कायम रखने प्रभावी कार्यवाही को निर्देशित किया। नैनीताल में जिलाधिकारी रहते खनन के अवैध खनन के विरूद्ध  व्यापक अभियान चलाते हुए खनन माफियाओं पर की गई थी सख्त कार्यवाही।
    कालसी, डोईवाला ऋषिकेश में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर एवं क्षेत्र भ्रमण के दौरान समाज के प्रबुद्धजनों द्वारा क्षेत्र में अवैध खनन की प्राप्त हो रही हैं शिकायत को दृष्टिगत रखते हुए  अवैध खनन, भण्डारण एवं परिवहन पर आदेश प्रभावी नियंत्रण हेतु आदेश अत्यंत
    डीएम ने खनन माफियाओं पर सख्त आदेश जारी करते हुए नए कानून का सख्त हंटर चलाया है। डीएम ने आदेश जारी कर कम्पांउडिंग/पेनल्टी के खेल पर भी रोक लगेगी। डीएम ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी कड़े शब्दों में निर्देश दिए थे। अवैध खनन, भण्डारण एवं  निर्धारित क्षमता से अधिक खनन एवं परिवहन पर सीधा दर्ज हो बीएनएस में मुकदमा एवं वाहन जब्त। डीएम ने कहा  कि चंद एक प्रभावी प्रवर्तन से ही करना है अवैध होसलों को पस्त किया जा सकता है इसके लिए उन्होंने राजस्व विभाग, व्यापार कर, जी०एस०टी०, वन, सिंचाई, खनन व अन्य समस्त सम्बन्धित विभागो की बहुत बारीकी से जिम्मेदारी तय कर दी है। अवैध खनन, अवैध भण्डारण व परिहवन का प्रकरण संज्ञान में आने पर कार्यवाही न किए जाने पर  जिस क्षेत्र/विभाग के अधिकारी की संलिप्तता सामने आए, उसका सरंक्षण मानते सुसंगत धाराओं में होगी विधिक कार्यवाही। आदेशों में शिथिलता बरतने का काई स्कोप नही। नैनीताल में जिलाधिकारी रहते खनन के अवैध खनन के विरूद्ध व्यापक अभियान चलाते हुए खनन माफियाओं पर की गई थी सख्त कार्यवाही। वहीं अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु मुकदमा दर्ज करने में जेडी लॉ/अभियोजन अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
    जनपद देहरादून सीमान्तर्गत राजस्व भूमि, वनभूमि, अन्य विभागीय भूमि में जहां से भी उपखनिज / आर०बी०एम० अथवा बालू, बजरी एंव बोल्डर्स के अवैध खनन / चुगान कर अवैध भण्डारण एवं अवैध परिवहन के प्रकरण पाये जाते हैं, सम्बंधित विभाग द्वारा अवैध खनन / चुगान, अवैध भण्डारण एंव अवैध परिवहन पर प्रभावी नियत्रंण एंव रोकथाम किये जाने के उद्देश्य से, खनन अधिनियम के प्राविधानो के अधीन की जाने वाली कार्यवाही के अतिरिक्त, अवैध खनन / चुगान कर अवैध भण्डारण एवं अवैध परिवहन में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध भारतीय न्याय सहित की सुसंगत धाराओं 303 व 317 एवं अन्य में तत्काल आपराधिक अभियोग पंजीकृत कराया जायेगा और वन भूमि से सम्बन्धित होने पर उपरोक्त धाराओं के अतिरिक्त भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में भी अभियोग पंजीकृत किया जाना अनिवार्य होगा, जिस हेतु संयुक्त निदेशक, विधि एवं अभियोजन अधिकारी सम्बन्धित अधिकारी को प्रथम सूचना रिपोर्ट तैयार कराने व दर्ज कराने में आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। प्रत्येक विभाग इस हेतु प्रत्येक खनन क्षेत्रों में किसी राजपतित्र अधिकारी को नामित कर एवं अभियोग पंजीकृत करने हेतु उत्तरदायी बनाया जाना सुनिश्चित करेगें एवं नामित अधिकारी की सूचना 01 पक्ष में इस कार्यालय को उपलब्ध करायेगें। प्रकरण संज्ञान में आने पर विभाग द्वारा यदि उपरोक्तानुसार कार्यवाही नही की जाती तो सम्बन्धित अधिकारी की संलिप्ता एवं सरंक्षण मानते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध राज्य सरकार की अधिसूचना खान एवं खनिज विनियम तथा विकास अधिनियम 1957 की धारा 26 की उपधारा 2 में प्राधिकृत अधिकारी की ओर से जिला प्रशासन-राजस्व प्रशासन द्वारा सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि शासन की नीतियों व आदेशों के साथ-साथ समय-समय पर मा० उच्च न्यायालय द्वारा व्यक्त की गयी भावनाओं एवं चिन्ताओं के आलोक में दिये गये निर्देशों/ आदेशों के तहत उप खनिजो के अवैध खनन / चुगान, अवैध भण्डारण एवं अवैध परिवहन में प्रभावी अंकुश लगाया जाना व्यापक जनहित, राजकीय हित, कानून व्यवस्था व लोक शान्ति बनाये रखने की दृष्टि से अत्यन्त आवश्यक है। उपरोक्तानुसार दिये गये निर्देशो की उपेक्षा अथवा अवहेलना जहाँ एक ओर सम्बन्धित अधिकारी/ कार्मिक का उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के 3 (1), 3(2) का उल्लंघन होगा, वही दूसरी और अन्य सुसंगत प्राविधानो के साथ-साथ कानून व्यवस्था और लोक शान्ति की दृष्टि से दिये गये आदेशों का उल्लंघन मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय भी होगा। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित उपजिलाधिकारी  को आदेशित किया है कि यह सुनिश्चित कर लें कि उक्त दिये गये निर्देशानुसार अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। निकट भविष्य में उनके द्वारा (डीएम) के द्वारा इस सम्बन्ध में समीक्षा की जायेगी। यदि यह पाया जाता है कि किसी उपजिलाधिकारी द्वारा उक्त के सम्बन्ध में शिथिलता बरती गयी है तो सम्बन्धित के विरूद्ध प्रतिकूल मन्तव्य वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि में निर्गत किया जायेगा।
    भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए रणनीतियाँ तैयार की
    देहरादून। विशाल फैब्रिक्स लिमिटेड, उच्च-गुणवत्ता वाले स्ट्रेच डेनिम कपड़े का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता, बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के कारण वैकल्पिक मेनूफेक्चरिंग केंद्रों की ओर एक उल्लेखनीय बदलाव देख रहा है। अपनी मजबूत मेनूफेक्चरिंग क्षमताओं के लिए जाने जाने वाले भारत के कपड़ा केंद्र इस बदलाव के प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभर सकते हैं। 2025 तक, प्रमुख बाजारों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में बढ़ती मांग से प्रेरित होकर, कपड़ा उद्योग में निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखने की उम्मीद है। भारत का कपड़ा निर्यात 2025 तक 45 बिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 2020 में 38 बिलियन डॉलर के आंकड़े से अधिक है। यह वृद्धि भारत की प्रतिस्पर्धी मेनूफेक्चरिंग लागत, कुशल श्रम शक्ति और अपनी निर्यात-अनुकूल नीतियों को मजबूत करने के प्रयास से प्रेरित है।
    इससे पहले, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही ओर पहली छमाही के लिए शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए थे। 30 सितंबर, 2024 को समाप्त तिमाही (स्वतंत्र) के लिए, परिचालन से राजस्व 38478.40 लाख रुपये पर बताया गया था। एबिटा में 41 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई, जो 2165.06 लाख रुपये से बढ़कर 3052.13 लाख रुपये हो गई। एबिटा मार्जिन 7.93 प्रतिशत बताया गया। प्रॉफ़िट बीफॉर टैक्स में 92 प्रतिशत की सालाना वृद्धि होकर 1201.62 लाख रुपये हो गई, और शुद्ध लाभ 649.56 लाख रुपये पर बताया गया, जो सालाना 46 प्रतिशत की वृद्धि है। 30 सितंबर, 2024 को समाप्त छमाही (स्वतंत्र) के लिए, परिचालन से राजस्व 72740 लाख रुपये पर बताया गया था। एबिटा में 34.38 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई, जो 4257.31 लाख रुपये से बढ़कर 5720.84 लाख रुपये हो गई। प्रॉफ़िट बीफॉर टैक्स में 110.28 प्रतिशत की सालाना वृद्धि होकर 2031.56 लाख रुपये हो गई, और शुद्ध लाभ 1127.38 लाख रुपये पर बताया गया, जो सालाना 66.54 प्रतिशत की वृद्धि है।
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    राष्ट्रीय खेलः 99 स्थानों में बिखरेगी मशाल की रोशनी

    -35 दिनों में 3823 किलोमीटर का रास्ता नापेगी मशाल रैली
    -अल्मोड़ा व पौड़ी जिले में सबसे ज्यादा 14-14 मशाल केंद्र
    -26 दिसंबर को हल्द्वानी से शुरू होने जा रही है मशाल रैली

    देहरादून, आजखबर। 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए माहौल बनता जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों की मशाल (टॉर्च) अब उत्तराखंड के कोने-कोने में घूमकर रोशनी फैलाने के लिए तैयार है। हल्द्वानी से गुरुवार 26 दिसंबर को मशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद, सभी 13 जिलों के 99 स्थानों पर यह मशाल घूमेगी और राष्ट्रीय खेलों के लिए जागरूकता फैलाएगी।
    मशाल रैली का जो 35 दिन का रूट प्लान तैयार किया गया है, उसमें यह रैली 3823 किलोमीटर का सफर तय करेगी। 26 दिसंबर 2024 से 27 जनवरी 2025 तक मशाल रैली का कार्यक्रम तय किया गया है। मशाल रैली जिस दिन समाप्त होगी, उसके अगले दिन यानी 28 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय खेलों का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। मशाल रैली के रूट प्लान में सभी 13 जिलों को कवर किया गया है। सबसे ज्यादा 14-14 स्थान अल्मोड़ा व पौड़ी जैसे जिले में हैं, जहां पर मशाल घूमेगी। जिस तरह का कार्यक्रम तय किया गया है, उसमें मशाल किसी भी जिले में दो से तीन दिन तक ही रहेगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी राष्ट्रीय खेल सचिवालय अमित सिन्हा के अनुसार राष्ट्रीय खेलों के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मशाल रैली का हल्द्वानी से शुभारंभ किया जा रहा है। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। मशाल रैली पूरे उत्तराखंड में घूमेगी। साथ ही साथ प्रचार के लिए अन्य तमाम कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    इस तरह का है मशाल रैली का रूट
    नैनीताल(26-27 दिसंबर 2024)
    हल्द्वानी, भीमताल, धारी, ओखलकांडा, बेतालघाट, भवाली, नैनीताल, कालाढूंगी, रामनगर।
    उधम सिंह नगर(28-29 दिसंबर 2024)
    काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज, खटीमा।
    चंपावत(30-31 दिसंबर 2024)
    बनबसा, टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट।
    पिथौरागढ़(01-02 जनवरी 2025)
    पिथौरागढ़, मूनाकोट, कनालीछीना, धारचूला, जौलजीबी, मदकोट, मुनस्यारी, थल, डीडीहाट, बेरीनाग, गंगोलीहाट।
    अल्मोड़ा-(03 से 05 जनवरी 2025)
    दन्या, लमगड़ा, अल्मोड़ा, ताकुला, हवालबाग, तारीखेत, तिपोला, भिकियासैंण, सल्ट, स्याल्दे, चौखुटिया, द्वाराहाट, सोमेश्वर, कौसानी।
    बागेश्वर(06 से 08 जनवरी 2025)
    गरूड़, बागेश्वर, कपकोट, ग्वालदम।
    चमोली-(09 से 11 जनवरी 2025)
    देवाल, थराली, नारायणबगड़, गैरसैंण, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, ज्योर्तिमठ, गोपेश्वर, पोखरी।
    रूद्रप्रयाग(12 से 14 जनवरी 2025)
    पोखरी, ऊखीमठ, अगस्त्यमुनि, जखोली।
    टिहरी-(15 से 16 जनवरी 2025)
    घनसाली, नई टिहरी, कीर्तिनगर, देवप्रयाग, नरेन्द्रनगर, चंबा।
    उत्तरकाशी-(17 से 19 जनवरी 2025)
    चिन्यालीसौड़, डुंडा, उत्तरकाशी, भटवाड़ी, बड़कोट, पुरोला, मोरी, नौगांव, मसूरी।
    हरिद्वार-(20-21 जनवरी 2025)
    हरिद्वार, भगवानपुर, रूड़की, खानपुर, लक्सर, हरिद्वार।
    पौड़ी-(22 से 24 जनवरी 2025)
    पौड़ी, कोटद्वार, लैंसडौन, रिखणीखाल, बीरोंखाल, धुमाकोट, थलीसैंण, पाबौ, पौड़ी, कल्जीखाल, सतपुली, गुमखाल, यमकेश्वर, लक्ष्मणझूला, ऋषिकेश।
    देहरादून-(25 से 27 जनवरी 2025)

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